Saturday, April 14, 2012

वही कच्चे आमों के दिन गाँव में हैं....


  • " वही कच्चे आमों के दिन गाँव में हैं
    वही नर्म छाँवों के दिन गाँव में हैं
    मगर ये शहर की अजाब उलझनें हैं
    न तुम गाँव में हो,न हम गाँव में हैं..!! "

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