Tuesday, April 24, 2012

ये प्यारा रिश्ता ही तो दोस्ती कहलाता है

चाह के भी जिससे कोई राज छुपाया नहीं जाता है
कभी हँसाता कभी रुलाता पर हर पल साथ निभाता है
खून का तो नहीं पर कभी – कभी हो जाता है उससे भी गहरा
ये प्यारा रिश्ता ही तो दोस्ती कहलाता है

Wednesday, April 18, 2012

Ek tukbandi aapki nazr hai...



"चाहते हैं अब भुला दें उसको अपने दिल से हम

प्यार करते हैं बहुत जिस हुस्ने-लाहासिल से हम

मुस्कुराहट पर किसी की, खा गए धोका 'रक़ीब'

दिल लगा बैठे किसी मगरूर से, संगदिल से हम

Saturday, April 14, 2012

वही कच्चे आमों के दिन गाँव में हैं....


  • " वही कच्चे आमों के दिन गाँव में हैं
    वही नर्म छाँवों के दिन गाँव में हैं
    मगर ये शहर की अजाब उलझनें हैं
    न तुम गाँव में हो,न हम गाँव में हैं..!! "

बस एक चुप-सी लगी है...

बस एक चुप-सी लगी है, नहीं उदास नहीं
कहीं पे साँस रुकी है, नहीं उदास नहीं

कोई अनोखी नहीं ऐसी ज़िंदगी लेकिन
मिली जो, ख़ूब मिली है, नहीं उदास नहीं

सहर भी, रात भी, दोपहर भी मिली लेकिन
हमीं ने शाम चुनी है, नहीं उदास नहीं

बस एक चुप-सी लगी है, नहीं उदास नहीं
कहीं पे साँस रुकी है, नहीं उदास नहीं।

Tuesday, April 3, 2012

कॉलेज के वो आखिरी दिन ......


कब से इंतज़ार था इस दिन का ...
राह देखि थी इस दिन की कबसे ...
आगे के सपने  सजा रखे थे न जाने कब से ...
बड़े उतावले थे यहाँ से जाने को ..
जिंदगी का अगला पड़ाव पाने को ....
पर न जाने क्यूँ दिल  में  आज   कुछ  और  आता है ,
वक़्त  को  रोकने  का  जी  चाहता  है .

जिन  बातो   को  लेकर  रोते  थे  आज  उन  पर   हंसी  आती    है  ,
न  जाने  क्यों  आज  उन  पलों  की  याद  बहुत  आती  है   .

कहा  करते  थे  …बड़ी  मुश्किल से तीन  साल सह  गए ,
पर  आज  क्यों  लगता  है  की  कुछ  पीछे रह  गया .

न  भूलनेवाली  वाली  कुछ  यादें  रह  गयी ,
यादे   जो   अब  जीने  का  सहारा  बन  गयी .

मेरी   टांग  अब  कौन  खींचा  करेगा  ,
सिर्फ   मेरा  सर  खाने  कौन  मेरा  पीछा  करेगा .
जहां  2000 का  हिसाब  नहीं  वहाँ  2 रूपए  के  लिए  कौन  लडेगा ,

कौन  रात  भर  साथ  जग  कर  पढ़ेगा  ,
कौन  मेरी  गाडी  मुझसे  पूछे  बिना ले जायेगा    ,
कौन  मेरे  नए  नए  नाम  बनाएगा .
मै   अब  बिना  मतलब  किस  से  लडूंगा ,
बिना  टोपिक्स   के  किस्से फालतू   बात  करूंगा  ,

कौन  फेल होने  पर  दिलासा  दिलाएगा ,
कौन  गलती  से  नंबर  आने  पर  गालियाँ  सुनाएगा  .

टापरी   में  चाय  किस  के  साथ  पियूंगा  ,
वो  हसीं  पल  अब  किस  के  साथ  जियूँगा ,

ऐसे  दोस्त  कहा  मिलेंगे  जो  खाई  में  भी  धक्का  दे  आयें ,
पर  फिर  तुम्हें  बचने  खुद  भी  कूद  जायें .

मेरे  गानों  से  परेशान  कौन  होगा  ,
कभी  मुझे  किसी  लड़की  से  बात   करते  देख  हैरान कौन  होगा  ,

कौन  कहेगा  साले  तेरे  जोके  पे  हंसी  नहीं  आई  ,
कौन  पीछे  से  बुला  के  कहेगा ..आगे  देख  भाई  .

मुविस   मै   किसके  साथ  देखूंगा,
किस  के  साथ  बोरिंग  लेक्टुरेस  झेलूँगा  ,

बिना  डरे  सच्ची  राय   देने  की  हिम्मत  कौन  करेगा .


अचानक  बिन  मतलब  के  किसी  को  भी  देख  कर  पागलों  की  तरह  हँसना ,
न  जाने  ये  फिर  कब  होगा  .

दोस्तों  के  लिए  प्रोफेस्सर  से  कब  लड़  पाएंगे  ,
क्या  हम  ये  फिर  कर  पाएंगे ,

रात  को  2 बजे  पोहा  खाने  स्टेशन  कौन  जायेगा  ,
तेज़  गाडी  चलने  की   शर्त  कौन  लगाएगा  .


कौन  मुझे  मेरे  काबिलियत  पर  भरोसा  दिलाएगा ,
और  ज्यादा  हवा  में  उड़ने  पर  ज़मीन  पे  लायेगा   ,

मेरी  ख़ुशी  में  सच  में  खुश  कौन  होगा  ,
मेरे  गम  में  मुझ   से  ज्यादा  दुखी  कौन  होगा …
कह  दो  दोस्तों  ये  दुबारा  कब  होगा ...

Sunday, April 1, 2012

माँ को समर्पित ....


ज़िन्दगी की तपती धुप में एक ठंडा साया पाया है मैंने...
जब खुली आँख तो अपनी माँ को मुस्कुराते  हुए पाया है मैंने  ...
जब भी माँ का नाम लिया उसका बेसुमार प्यार पाया है मैंने ...
जब कोई दर्द मह्सुश हुआ जब कोई मुश्किल आई
अपने पहलु में अपनी माँ को पाया है मैंने ...
जागती रही वो रात भर मेरे लिए जाने कितनी रातें उसे जगाया है मैंने ..
जिंदगी के हर मोड़ पर जब हुआ गुमराह मैं
इसकी हिदायात पर पकड़ ली सीधी राह  मैंने ..
जिसकी दुआ से हर मुसीबात लौट जाये ..
ऐसा फरिस्ता पाया है मैंने ...
मेरे हर फ़िक्र को जानने वाली मेरे जज्बातों को पहचाने वाली
ऐसी हस्ती पाई है मैंने ...
मेरी ज़िन्दगी सिर्फ मेरी माँ है ..
इसी के लिए तो इस जिंदगी की समां जला रखी  है मैंने ...

फूल तो फूल है कलियों पे निखार आ जाये ..


फूल  तो फूल है  कलियों पे निखार  आ जाये ..
तुम जिधर से भी गुज़र जाओ बहार आ जाये
सज सव्वर  के  कभी देखा ना करो आईना ..
ऐसा न हो की कही आईने को प्यार आ जाये

जिंदगी इसी का नाम है ...


किसी को खो कर पाने का  मजा ही कुछ और है ..
रोकर मुस्कुराने का मजा ही कुछ और है ...
हार तो जिंदगी का एक हिस्सा है  मेरे  दोस्त ...
हारने  के बाद जितने का मज़ा  ही कुछ और है दोस्तों..
जिंदगी जी तो लेते है सभी दोस्तों
पर  जिंदगी  का मतलब नहीं समझ पाते  सभी.
पूरी उम्र भी कम पड़ जाती है  इसे समझने में ..

ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो ...

 ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो ...
ऑफिस में खुश रहो, घर में खुश रहो ...

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आज पनीर नहीं है , दाल में ही खुश रहो ...
आज जिम जाने का समय नहीं , दो कदम चल के ही खुश रहो ...

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आज दोस्तों का साथ नहीं, टीवी देख के ही खुश रहो ...
घर जा नहीं सकते तो फ़ोन कर के ही खुश रहो ...

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आज कोई नाराज़ है, उसके इस अंदाज़ में भी खुश रहो ...
जिसे देख नहीं सकते उसकी आवाज़ में ही खुश रहो ...

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जिसे पा नहीं सकते उसकी याद में ही खुश रहो
Laptop न मिला तो क्या , Desktop में ही खुश रहो ...

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बिता हुआ कल जा चूका है , उसकी मीठी यादों में ही खुश रहो ...
आने वाले पल का पता नहीं ... सपनो में ही खुश रहो ...

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हँसते हँसते ये पल बिताएँगे, आज में ही खुश रहो
ज़िन्दगी है छोटी, हर पल में खुश रहो

आज एक बार फ़िर सुरज को उगता देखो...

आज एक बार फ़िर सुरज को उगता देखो
और चान्द को चान्दनी रात मे जागता देखो
क्या
पता कल ये धरती
चान्द और सुरज हो ना हो

आज एक बार सबसे मुस्करा 
के बात करो
बिताये हुये पलों को साथ साथ याद करो
क्या पता कल चेहरे 
को मुस्कुराना
और दिमाग को पुराने पल याद हो ना हो

आज एक बार फ़िर
पुरानी बातो मे खो जाओ
आज एक बार फ़िर पुरानी यादो मे डूब जाओ
क्या 
पता कल ये बाते
और ये यादें हो ना हो

आज एक बार मन्दिर हो आओ
पुजा
कर के प्रसाद भी चढाओ
क्या पता कल के कलयुग मे
भगवान पर लोगों की 
श्रद्धा हो ना हो

बारीश मे आज खुब भीगो
झुम झुम के बचपन की तरह 
नाचो
क्या पता बीते हुये बचपन की तरह
कल ये बारीश भी हो ना हो

आज
हर काम खूब दिल लगा कर करो
उसे तय समय से पहले पुरा करो
क्या पता आज
की तरह
कल बाजुओं मे ताकत हो ना हो

आज एक बार चैन की नीन्द सो 
जाओ
आज कोई अच्छा सा सपना भी देखो
क्या पता कल जिन्दगी मे चैन
और 
आखों मे कोई सपना हो ना हो

ये दुनिया है .. रंग तो बदलेगी ही ...


फितरत  है  दुनिया की जो  अपनी ही सुनना पसंद करते है
और दावा करते है  दूसरो को समझने  की ...
दोस्ती  में सुना है दोस्तों को समझा जाता है ..
पर यहाँ सिर्फ दोष मढ़ा जाता है ....  

I too had a love story...............

Karna hai shukriya,
ek bar apka,
jo dard ka ehsas,
apne hai karaya..

Gum hota hai kya,
milne par apke humne jana,
judai satati hai sabko,
ye bhi ab humne mana..

Ki kaisa chupate hai log,
apne ansuon ko ,
aur le ate hai chehre par,
bas ek halki muskarahat jo..

Sath reh kar bhi sabke,
akele pan ka ehsas kyu hota,
hasta hasata sabko,
magar akele mein,ye dil kyu hai rota.

Aur jagte huye,
kai raaton ko,
chahte huye bhi,
bhula na pate kuch baaton ko.

Gujarte lamho ko,
ab hum dekh lete hai,
rote hai thoda,
phir khud par has dete hai.

Ki jindagi ek bada sabak,
apne de diya,
tanhai ka jaam bhi,
ab humne pi liya..

Magar milna na phir,
humse tum kabhi,
bin apke rehna,
sikh liya hai humne abhi..

अपनी चाहत से तुम्हे निखारना चाहता हूँ......


अपनी चाहत से तुम्हे निखारना चाहता हूँ,
अपनी रंगत से तुम्हे रंगना चाहता हूँ,

बादल से तोड़ा काजल ले कर,
तेरे नैनन मे भरना चाहता हूँ,

फुलो से थोड़ी खुश्बू ले कर,
तुझे महकाना चाहता हूँ,

आसमान से एक सितारा ले कर,
तुम्हारी बिंदिया बनाना चाहता हूँ,

काली घनी घटाओ को बाँध कर,
तुम्हारे ज़ूलफे बनाना चाहता हूँ,

लहराती नदी से थोड़ी लहर ले कर,
तुम्हारा आँचल लहराना चाहता हूँ,

डूबते सूरज से थोड़ी लाली ले कर,
तुम्हारे अधरो पे सुर्खी लगाना चाहता हूँ,

ऑश की नन्ही बूँद ले कर,तुम्हारे
तुम्हारे चेहरे पे टपकाना चाहता हूँ,

ठहरे हुई झील के पानी से,
तेरा आईना बनाना चाहता हूँ,

बगिया से चमेली ले कर,
तुम्हारे लिए गज़रा बनाना चाहता हूँ,

तुम्हारे लिए कुछ संगीत चाहता हूँ,
तुम्हारे लिए कुछ गुनगुनाना चाहता हूँ,

अपनी चाहत की दुनिया मे,
तुम्हे अपना बनाना चाहता हूँ !!

एक सपना सच हो गया ....


भावनाए  जो एक बार  छिपी हुई थी  अब  आप के लिए व्यक्त की है..
दिन जो एक वक़्त डरावने  थे  आज चमकते  नीले रंग के सितारे  हैं..
समय जो एक बार बिलकुल अकेले थे  अब खुशियों से भरे है
सब कुछ जो एक वक़्त तनहा अकेले थे आज वो सारे खजाने है हमारे  पास ..
रातें जो एक वक़्त बहुत ठंडी थी  अब आरामदायक और गर्म है .
ड़र जो एक बार बहुत ही वास्तविक थे वो  तूफान के साथ चला गया...
एक दिल जो एक बार टूट गया था अब  संभल गया है ..
एक व्यक्ति जो जीवन में एक बार अकेला था अब उसे एक प्यारा सा  दोस्त मिल गया है ..
वो सपना  जिसे एक सदियों से इंतज़ार किया  अब सब सच हो रहा है.
प्यार जिसे मैंने एक वक़्त के लिए सोचा था चला गया वो अब तुम में हमेशा के लिए है.